टाटा कैपिटल का ₹15,512 करोड़ IPO खुला, ग्रे मार्केट प्रीमियम 3%

टाटा कैपिटल का ₹15,512 करोड़ IPO खुला, ग्रे मार्केट प्रीमियम 3%

अक्तूबर 7, 2025 shivam sharma

जब टाटा कैपिटल लिमिटेड ने अपने 2025 के सबसे बड़े IPO में से एक शुरू किया, भारत के निवेशकों का ध्यान तुरंत इस ओर मुड़ा। यह इश्यू ₹15,512 करोड़ की कुल वैल्यू के साथ 6 अक्टूबर को शुरू होकर 8 अक्टूबर को बंद होगा।

पहली बार इस इवेंट को उजागर करते हुए, टाटा कैपिटल IPOमुंबई में 475,824,280 इक्विटी शेयरों की पेशकश की गई। इन शेयरों में 210 मिलियन नया इश्यू (₹6,846 करोड़) और 265.8 मिलियन ऑफर‑फॉर‑सेल (OFS) (₹8,666 करोड़) शामिल हैं।

इश्यू की मुख्य शर्तें और कीमतें

शेयरों की कीमत ₹310 से ₹326 के बैंड में तय की गई। न्यूनतम बोली 46 शेयरों की थी, उसके बाद हर बिड 46 शेयरों के मल्टिपल में किया जाना था। दो दिन बाद, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) केवल ₹7.5, यानी इश्यू प्राइस के लगभग 3% ऊपर, दिखा – इससे अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹333.5 के आसपास रह सकता है।

बेचने वाले शेयरधारक और उनका हिस्सेदारी

विक्रेता पक्ष में प्रमुख हैं टाटा सोंस प्राइवेट लिमिटेड, जो कंपनी में 95.6% हिस्सेदारी रखता है और अधिकतम 230 मिलियन शेयर बेच रहा है। दूसरा बड़ा विक्रेता इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) है, जो 35.8 मिलियन शेयर ऑफर‑फॉर‑सेल में लेकर आया है।

संस्थागत निवेशकों की भागीदारी

आईपीओ की एंकर बिडिंग में 3 अक्टूबर को 135 एंकर निवेशकों से कुल ₹46.42 अरब जुटाए गए। प्रमुख संस्थागत भागीदारों में लाईफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC), ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और गोल्डमैन सैक्स शामिल हैं। इनकी भरोसेमंद बैकिंग से IPO को शुरुआती भरोसा मिला।

सब्सक्रिप्शन का आँकड़ा और निवेशकों का ब्योरा

दूसरे दिन के अंत तक, कुल 24,96,33,260 शेयरों पर बिड मिली, जबकि कुल उपलब्ध शेयर 33,34,36,996 थे, जिससे 75% सब्सक्रिप्शन रेट आया। रिटेल निवेशकों को न्यूनतम ₹14,996 (ऊपरी बैंड पर) निवेश करना पड़ता है, जबकि छोटे गैर‑संस्थागत निवेशकों (sNII) को 14 लॉट्स (644 शेयर) के लिए ₹2,09,944 और बड़े गैर‑संस्थागत निवेशकों (bNII) को 67 लॉट्स (3,082 शेयर) के लिए ₹10,04,732 निवेश करना होता है।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों की राय

मेहता इक्विटीज के सीनियर वी.पी. (रिसर्च) प्रशनथ टॅस्पे ने कहा, "बाजार की मौजूदा भावना को देखते हुए, टाटा कैपिटल ने IPO को उद्योग औसत से थोड़ा नीचे रखकर सटीक मूल्य निर्धारित किया है, जिससे लिस्टिंग पर पर्याप्त हेडरूम मिलती है।" उनकी टिप्पणी के साथ कई विश्लेषकों का मानना है कि मूल्य निर्धारण लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक रहेगा।

आवेदन प्रक्रिया और लिस्टिंग की रूपरेखा

इंटरेस्टेड निवेशक ऑनलाइन ASBA या UPI के ज़रिए एप्लिकेशन कर सकते हैं। सभी बिड्स केवल इलेक्ट्रॉनिक मोड में स्वीकार किए जाएंगे। allotment की अंतिम प्रक्रिया 9 अक्टूबर को तय होगी, और शेयर 10 अक्टूबर तक डिमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाएंगे। IPO बेंगलुरु स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों पर लिस्ट होने की उम्मीद है, जिससे देशभर के ट्रेडर्स को आसानी होगी।

भविष्य की संभावनाएँ और बाजार पर असर

यदि लिस्टिंग के बाद शेयर कीमत IPO प्राइस से 5‑6% ऊपर खुलती है, तो टाटा कैपिटल को वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में नई पूंजी मिल जाएगी, जिससे मौजूदा ऋण पोर्टफोलियो का पुनर्संयोजन और नया डिजिटल लॉन्च संभव हो पाएगा। साथ ही, टाटा समूह की शक्ति और IFC की अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव इस इश्यू को एक विश्वसनीय निवेश अवसर बना रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाटा कैपिटल IPO में किसे सबसे ज्यादा आकर्षित करेगा?

रिटेल निवेशक, छोटे और बड़े गैर‑संस्थागत निवेशक, साथ ही संस्थागत फंड इस IPO को आकर्षक पाएंगे क्योंकि कीमत उद्योग औसत से नीचे रखी गई है और ग्रे मार्केट प्रीमियम कम है, जिससे संभावित लिस्टिंग उछाल बेहतर रहता है।

ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) क्यों महत्वपूर्ण है?

GMP निवेशकों को इश्यू प्राइस के ऊपर या नीचे की संभावित ट्रेडिंग लाभ का अंदाज़ा देता है। टाटा कैपिटल के GMP का सिर्फ 3% रहना दर्शाता है कि बाजार में अभी तक बड़ी उत्सुकता या असंतोष नहीं है, जिससे IPO की स्थिरता का संकेत मिलता है।

टाटा सोंस की शेयर बिक्री का क्या असर होगा?

टाटा सोंस प्राइवेट लिमिटेड लगभग 230 मिलियन शेयर बेच रहा है, जो इश्यू के कुल ऑफर‑फॉर‑सेल का बड़ा हिस्सा है। यह कदम समूह को अतिरिक्त तरलता प्रदान करेगा और साथ ही बाजार में नई संस्थागत भागीदारी को भी आमंत्रित करेगा।

IPO के अंतर्गत कौन से प्रमुख संस्थागत निवेशकों ने भाग लिया?

LIC, ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और गोल्डमैन सैक्स जैसे बड़े नाम एंकर बिड में शामिल रहे, जिससे IPO को शुरुआती भरोसा मिला और कुल जमा ₹46.42 अरब की मजबूती बनी।

लिस्टिंग के बाद शेयरों की संभावित कीमत कितनी हो सकती है?

विश्लेषकों का मानना है कि लिस्टिंग पर शेयर कीमत IPO प्राइस के 5‑6% ऊपर खुल सकती है, यानी लगभग ₹340‑₹345 के रेंज में। यह अनुमान ग्रे मार्केट प्रीमियम और संस्थागत खरीदारी के आधार पर लगाया गया है।

16 Comments

  • Image placeholder

    gouri panda

    अक्तूबर 7, 2025 AT 20:39

    अरे यार, टाटा कैपिटल का IPO देख कर दिल धड़के बिना नहीं रह सकता! 15,512 करोड़ का इश्यू तो जैसे वित्तीय मेला में नया झंडा गड़ाया हो. ग्रे मार्केट प्रीमियम बस 3% – मतलब बाजार में भी बड़ा आश्चर्य नहीं, लेकिन फिर भी ट्रेडरों की धड़ाम से उम्मीदें बढ़ती हैं.
    रिटेल में प्रवेश करना इतना आसान नहीं, पर अगर आप थोड़ी रकम लगा सकें तो ये मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहिए. चलिए, इस बार की लिस्टिंग देखेंगे तो नई डिजिटल पहलों का मज़ा भी दुगना होगा!

  • Image placeholder

    Harmeet Singh

    अक्तूबर 16, 2025 AT 04:39

    सही कहा, गजब का अवसर है. इस इश्यू की कीमत औसत से नीचे रखी गई है, जिससे दीर्घकालिक निवेशकों को काफी हद तक हेडरूम मिलती है. आशा करता हूँ कि लिस्टिंग पर शेयर थोड़ी उछाल ले आएँ.

  • Image placeholder

    patil sharan

    अक्तूबर 24, 2025 AT 12:39

    वाह, टाटा ने फिर से बड़ा इश्यू फेंका है, लेकिन ग्रे मार्केट प्रीमियम 3% देखकर लगता है कि बाजार में हॉलिडे मूड नहीं है. थोड़ा वैल्यू है, पर सारे एंकर बिड देख कर लगा कि सब सही-ट्रैक्ट पर है.
    चलो, देखते हैं अगले दो दिन में बिडिंग की धूम कितनी तेज़ होती है.

  • Image placeholder

    Nitin Talwar

    नवंबर 1, 2025 AT 19:39

    क्या आप जानते हैं कि इस इश्यू के पीछे क्या साज़िश चल रही है? टाटा समूह के पास इतनी बड़ी हिस्सेदारी बेचने का मकसद क्या है – शायद विदेशी फंडों को लुभाने का बड़ा जाल है😠. ग्रे मार्केट प्रीमियम इतना छोटा दिखाने से लगता है कि सब कुछ साफ‑सुथरा है, लेकिन असली इरादा कौन जानता है.
    लिस्टिंग के बाद कीमतें गिरती भी तो हो सकती हैं, सावधान रहें.

  • Image placeholder

    onpriya sriyahan

    नवंबर 10, 2025 AT 03:39

    टाटा कैपिटल के इस IPO में रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि थोड़ी भारी है पर अगर आपका मन है तो जरूर कोशिश करो! कीमतें उद्योग औसत से नीचे रखी गई है इसलिए संभावना है कि लिस्टिंग पर थोड़ी उछाल आए.
    एक और बात, सस्ते में शेयर मिलना मुश्किल है इसलिए जल्दी बिड करो

  • Image placeholder

    Sunil Kunders

    नवंबर 18, 2025 AT 11:39

    टाटा कैपिटल का विस्तृत प्रॉस्पेक्टस पढ़ा, और देखा कि वित्तीय संरचना में काफी गहराई है। दर्शनीय है कि टाटा सोन्स की हिस्सेदारी इतनी बड़ी है, जो कंपनी की रणनीतिक दिशा को स्पष्ट करता है। पाँच साल के भीतर रिटर्न मॉडल को लेकर कई मान्यताएं उभर रही हैं।

  • Image placeholder

    suraj jadhao

    नवंबर 26, 2025 AT 19:39

    सबको शुभकामना, इस IPO में भाग लेकर भविष्य को सुरक्षित बनाओ! 🚀💰

  • Image placeholder

    jitha veera

    दिसंबर 5, 2025 AT 03:39

    टाटा कैपिटल का यह IPO वाकई में कई पहलुओं से जटिल है। सबसे पहले, 230 मिलियन शेयर टाटा सोन्स द्वारा बेचने का इरादा यह दर्शाता है कि समूह अपने कैश पोज़िशन को रीफाइन करने का प्रयत्न कर रहा है। दूसरी ओर, IFC की हिस्सेदारी ऑफर‑फॉर‑सेल कंपनी को अंतरराष्ट्रीय मान्यता देता है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ता है। ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल 3% दिखाना यह संकेत देता है कि बाजार में अभी तक कोई बड़ी अटकलें नहीं हैं, पर यह भी बताता है कि बिडर्स ने मूल्य को सतर्कता से आंकलन किया है। लिस्टिंग के बाद संभावित 5‑6% प्राइस उछाल का अनुमान कई विश्लेषकों ने लगाया है, लेकिन यह अनुमान केवल ऐतिहासिक डेटा पर आधारित है, इसलिए इस पर अंधविश्वास नहीं किया जाना चाहिए। यदि शेयरों की कीमत इस सीमा में खुलती है, तो टाटा कैपिटल को तरलता मिलेगी, जिससे उनके मौजूदा ऋण पोर्टफोलियो का पुनर्संयोजन आसान हो जाएगा। लेकिन अगर मार्केट में अचानक गिरावट आती है, तो यह नई पूंजी को जोखिम में डाल सकता है। संस्थागत भागीदारी, जैसे LIC, ICICI प्रूडेंशियल और गोल्डमैन सैक्स, आश्वस्त करती है कि इस इश्यू में मजबूत बिन्डिंग है। उनके एंकर बिड से पता चलता है कि बड़े फंड्स इस स्टॉक को भरोसेमंद समझते हैं। फिर भी, रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि तुलनात्मक रूप से ऊंची है, जो छोटे निवेशकों को बाहर कर सकती है। ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि इस इश्यू में ऑफर‑फॉर‑सेल शेयरों का अनुपात नया इश्यू शेयरों से अधिक है, जो संभावित डिल्यूशन को दर्शाता है। इस कारण शेयरधारकों को भविष्य में डिविडेंड भुगतान की अपेक्षा कम मिल सकती है। अंततः, टाटा समूह की कुल शक्ति और ब्रांड वैल्यू इस IPO को आकर्षक बनाती है, पर निवेशकों को अपनी जोखिम प्रोफ़ाइल के अनुसार निर्णय लेना चाहिए। इस तरह के बड़े इश्यू में हमेशा कुछ न कुछ अनिश्चितता रहती है, इसलिए सावधानी बरतनी आवश्यक है।

  • Image placeholder

    Sandesh Athreya B D

    दिसंबर 13, 2025 AT 11:39

    ओहो, टाटा ने फिर से बड़ा लॉट फेंका!

  • Image placeholder

    Jatin Kumar

    दिसंबर 21, 2025 AT 19:39

    सबको नमस्ते, देखिए टाटा कैपिटल के IPO की पूरी तस्वीर। सबसे पहले, इश्यू की कीमत बैंड ₹310-₹326 के बीच रखी गई है, जो बहुत ही प्रतिस्पर्धी स्तर पर है। ग्रे मार्केट प्रीमियम सिर्फ 3% दर्शाता है कि बाजार में अभी तक कोई मसला नहीं है, पर यह भी सूचित करता है कि निवेशकों को मूल्य के ऊपर बहुत ज्यादा आशा नहीं रखनी चाहिए। इन सब के बीच, टाटा सोन्स द्वारा 230 मिलियन शेयर बेचने का मतलब है कि समूह अपनी हिस्सेदारी को हल्का कर रहा है, जिससे नई धनराशि को विभिन्न प्रोजेक्ट्स में लगाना आसान होगा। IFC के हिस्से को जोड़ने से अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। एंकर बिड में LIC, ICICI प्रूडेंशियल और गोल्डमैन सैक्स जैसे बड़े नामों की मौजूदगी इश्यू को मजबूती देती है। रिटेल निवेशकों को न्यूनतम ₹14,996 निवेश करना पड़ेगा, जो थोड़ा महँगा है, पर अगर आप दीर्घकालिक निवेश सोच रहे हैं तो यह मौका विचारणीय है। अंत में, लिस्टिंग पर शेयर कीमतों का 5‑6% तक उछाल हो सकता है, पर यह सिर्फ प्रोजेक्शन है, इसलिए अपनी जोखिम सहनशीलता को समझ कर कदम बढ़ाएँ।

  • Image placeholder

    Govind Reddy

    दिसंबर 30, 2025 AT 03:39

    टाटा कैपिटल का यह इश्यू हमारी आर्थिक परिप्रेक्ष्य में एक नया अध्याय प्रस्तुत करता है। वित्तीय सेवाओं के विस्तार को देखते हुए, इस पूंजी संकलन का उद्देश्य स्पष्ट रूप से विकास को गति देना है। ग्रे मार्केट प्रीमियम का न्यूनतम स्तर संभावित अस्थिरता को कम कर सकता है, पर यह भी संकेत देता है कि बाजार में अभी तक उत्साह का अभाव है। ऐसे इश्यू में संस्थागत समर्थन महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह निवेशकों को विश्वास दिलाता है कि कंपनी की बुनियाद मजबूत है। भविष्य में शेयरों के प्रदर्शन को कई कारक निर्धारित करेंगे, जैसे कि डिजिटल पहलें और ऋण पोर्टफोलियो का पुनर्संरचन।

  • Image placeholder

    KRS R

    जनवरी 7, 2026 AT 11:39

    बिलकुल सही कहा, संस्थागत बेज़ बहुत भरोसा दिलाते हैं. फिर भी सावधानी बरतनी चाहिए.

  • Image placeholder

    Uday Kiran Maloth

    जनवरी 15, 2026 AT 19:39

    टाटा कैपिटल का IPO वित्तीय सेक्टर में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन प्रतीत होता है। प्राइस बैंड ₹310‑₹326 को रणनीतिक रूप से स्थापित किया गया है, जिससे मूल्य संवेदनशील निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। ग्रे मार्केट प्रीमियम 3% दर्शाता है कि बाजार के बुलिश एवं बेयरिश दोनों पक्षों में संतुलन बना हुआ है। साथ ही, टाटा सोन्स द्वारा 95.6% हिस्सेदारी रखे हुए होने के नाते शेयरधारक संरचना में स्थिरता बनी रहती है, जबकि IFC की भागीदारी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क को मजबूत करती है। एंकर बिड की बड़ी संख्या (₹46.42 अरब) संस्थागत विश्वास की पुष्टि करती है, जिससे इश्यू की सफल ऑलॉटमेंट की संभावनाएं बढ़ती हैं। भविष्य में लिस्टिंग के बाद संभावित प्राइस अपस्ट्रीम 5‑6% तक हो सकता है, पर निवेशकों को डॉक्युमेंटेशन एवं जोखिम प्रोफ़ाइल का गहन विश्लेषण करना आवश्यक रहेगा।

  • Image placeholder

    Deepak Rajbhar

    जनवरी 24, 2026 AT 03:39

    देखो, टाटा कैपिटल का IPO ठीक वही है जो हर साल मार्केट में आता रहता है – कुछ नई वैल्यू और बहुत सारे एंकर बिड। ग्रे मार्केट प्रीमियम मात्र 3% है, मतलब बाजार अभी तक इस पर अति उत्साहित नहीं हुआ। टाटा सोन्स का 230 मिलियन शेयर बेचना कुछ हद तक डिल्यूशन का संकेत देता है, लेकिन साथ ही फंड्स को आकर्षित करने का भी तरीका है। संस्थागत बिड में LIC, ICICI प्रूडेंशियल और गोल्डमैन सैक्स जैसे बड़े खिलाड़ी शामिल हैं, जो भरोसा दिलाते हैं। यदि लिस्टिंग पर शेयर 5‑6% ऊपर खुलते हैं तो यह एक अच्छी शुरुआत होगी, लेकिन ज्यादा आशावादी न रहें। कुल मिलाकर, यह इश्यू मध्यम जोखिम के साथ मध्यम रिटर्न की संभावना रखता है। 😊

  • Image placeholder

    Hitesh Engg.

    फ़रवरी 1, 2026 AT 11:39

    सबको नमस्ते, टाटा कैपिटल के इस इश्यू पर कुछ विचार साझा करना चाहूँगा। सबसे पहले, प्राइस बैंड ₹310‑₹326 को देखते हुए यह इश्यू काफी आकर्षक लग रहा है, विशेषकर उन निवेशकों के लिए जो मूल्य-आधारित एंट्री चाहते हैं। ग्रे मार्केट प्रीमियम का स्तर 3% यह संकेत देता है कि बाजार में अभी तक अत्यधिक उत्साह नहीं है, पर यह भी दर्शाता है कि कीमतों में बड़ा उछाल नहीं दिख रहा। टाटा सोन्स द्वारा 230 मिलियन शेयरों की बिक्री का मतलब है कंपनी की हिस्सेदारी संरचना में कुछ बदलाव, जो संभावित रूप से नई पूंजी को विभिन्न विकासात्मक पहलों में निवेश करने की अनुमति देगा। IFC जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था का समर्थन इस इश्यू को विश्वसनीयता प्रदान करता है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि ₹14,996 है, जो थोड़ा ऊँचा हो सकता है, पर यदि आप दीर्घकालिक दृष्टिकोण रखते हैं तो यह स्वीकार्य है। अंत में, लिस्टिंग के बाद संभावित शेयर प्राइस 5‑6% ऊपर जा सकती है, पर यह सिर्फ एक अनुमान है; इसलिए अपने पोर्टफोलियो को विविधता के साथ रखें।

  • Image placeholder

    Zubita John

    फ़रवरी 9, 2026 AT 19:39

    टाटा कैपिटल का इश्यू देख के मैं कहूँगा – ये मौका थोडा गॉर्बैड है! एंकर बिड में बड़े फंड्स का भरोसा देखो, तो लगतो है की सब ठीक-ठाक है.
    जब तक ग्रे मार्केट प्रीमियम छोटा है, तेज़ी से जुड़ जाओ, वरना पछताओ। चलो, इस बार की लिस्टिंग को देखते हैं क्या जलता है!

एक टिप्पणी लिखें