UP विधान सभा ने पास किया 9.13 लाख करोड़ का बजट, अधिवेशन समाप्त

UP विधान सभा ने पास किया 9.13 लाख करोड़ का बजट, अधिवेशन समाप्त

मार्च 25, 2026 shivam sharma

लखनऊ में शुक्रवार को एक ऐतिहासिक दिन था जब उत्तर प्रदेश विधान मंडल ने एकमुश्त वोट के जरिए 2026-27 के लिए ₹9.13 लाख करोड़ के बजट को पास कर दिया। दोनों सदनों—विधान सभा और विधान परिषद—ने इसे स्वीकार करते ही अपने इस 10 दिवसीय विशेष सत्र को ‘साइने डी’ (Sine Die) या अनिर्धारित अवधि तक स्थगित कर दिया। यह बजट केवल अंक नहीं है, बल्कि राज्य की आगे की विकास योजनाओं की कसौती बनकर उभरा है।

बजट पारित होने की पूरी प्रक्रिया

बातचीत करने वाले किसी भी आम नागरिक से पूछिये, उन्हें लगता है कि बजट पास होना सिर्फ तालियों वाला काम है, लेकिन असल खेल बैकडोर में चलता है। इस बार महामंत्री सुरेश खाना, जिन्होंने 11 फरवरी 2026 को राज्य की वित्तीय रिपोर्ट पेश की थी, अब इसका अंतिम मोड़ देख चुके हैं। सिलेक्स (SILKS) से लेकर विकास प्रोजेक्ट्स तक, हर चीज़ के लिए धन आवंटित किया गया है। सुबह दामिन से ही जोशीला माहौल रहा, क्योंकि दोनों सदनों ने निर्णय लेने में देरी नहीं की।

बजट सत्र की शुरुआत 9 फरवरी को हुई थी और हमें लगा था कि यह कम से कम 20 फरवरी तक जाएगा, जैसे कि बिज़नेस एडवाइज़री कमेटी ने 8 फरवरी को तय किया था। लेकिन, जवाबी अभूमी (Vote Vote) में सभी दलों के सहयोग से यह समय से पहले ही समाप्त हुआ। वास्तव में, यह सरकार के प्रशासनिक दृढ़ संकल्प का संकेत था कि वे अपनी कार्य योजनाओं को बिना रुकावट के आगे बढ़ाना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री और राज्यपाल की भूमिका

सदन के भीतर गतिरोध तोड़ने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का व्यक्तिगत हस्तक्षेप महत्वपूर्ण रहा। रविवार, 8 फरवरी को, सत्र शुरू होने से ठीक पहले उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की थी। उनकी बात का असर दिखाई दिया—विरोधी नेताओं ने भी इस बार विवादों को सीमित रखने का प्रयास किया।

राज्यपाल अनंदीबेन पटेल ने सत्र के आरंभ पर दोनो सदनों को संबोधित किया, जिससे प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हुई। उनके भाषण के बाद, विधायकों ने जोश दिखाया। हालांकि, कोई भी जानता है कि लोकप्रतिनिधियों के बीच मतभेद होते रहते हैं, फिर भी इस बार कामचलाऊ व्यवस्था (consensus) बनाए रखना प्राथमिकता थी।

कोडिएन घटनाक्रम और विधायी कार्य

लेकिन रुकिए, यह बजट केवल खर्च के बारे में नहीं था; यह नियुक्ति और जांच के इशारे भी थे। सदन में कोडिएन खांसी की شرबत (cough syrup) मामले पर भारी हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कह दिया कि उस मामले में कोई आरोपी छूट नहीं जाएगा। उनका दावा था कि पाठशाला मंत्रालय (mafia) को पिछले समाजवादी पार्टी (SP) सरकार के दौरान लाइसेंस मिले थे। यह बात विधायकों के मन में गहराई से उतर गई।

इसके अलावा, विधायी बदलाव भी हुए। यूपी निजी विश्वविद्यालय संशोधन अधिनियम 2025, जिसे 23 दिसंबर 2025 को विधान सभा ने पास किया था, वह 24 दिसंबर को विधान परिषद से पारित हो चुका था। इसके साथ ही, राज्यपाल द्वारा 1 जनवरी 2026 को मंजूरी मिली, जिससे यह 'Act No. 5 of 2026' बन गया। यह साफ दिखाता है कि शिक्षा क्षेत्र में सरकारी हस्तक्षेप जारी रहेगा।

विकास प्राथमिकताएं और वित्तीय योजना

विकास प्राथमिकताएं और वित्तीय योजना

अंत में, यह बजट 2026-27 के फाइस्कल साल की नींव रखता है। 9.13 लाख करोड़ रुपये का यह पैकेज विकास-उन्मुख प्राथमिकताओं को दर्शाता है, जैसा कि सरकारी बयानों में कहा गया है। सार्वजनक ऋण प्रबंधन (Public Debt Management) के साथ साथ यह राज्य के पुनःसंशोधित वित्तीय अनुमानों को भी मजबूत करता है।

लखनऊ के बाजार में इस खबर का असर तुरंत महसूस हुआ। निवेशकों के लिए यह सुखद संकेत है कि सरकार स्थिरता बनाए रखने में सक्षम है। फिर भी, यह बजट की लागत का सही अनुपात भविष्य की मुद्रास्फीति पर कैसे प्रभाव डालेगा, इसका अनुमान लगाना अभी शेष है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

उत्तर प्रदेश के लिए 2026-27 का कुल बजट क्या है?

उत्तर प्रदेश विधान मंडल ने 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए कुल 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पारित किया है। यह राशि राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं और आधारभूत संरचना पर खर्च होगी।

बजट सत्र कब समाप्त हुआ और क्यों?

सत्र मूल रूप से 20 फरवरी 2026 तक निर्धारित था, लेकिन बजट पास होने के बाद शुक्रवार को ही उसे साइन डी (Sine Die) घोषित कर दिया गया। इसका मतलब है कि अब कोई अधिकारी बैठक नहीं होगी जब तक नया सत्र न बुलाया जाए।

कोडिएन मामले में सदन ने क्या फैसला लिया?

सदन में कोडिएन खांसी की दवाइयों के लाइसेंसों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकार के दौरान मिले लाइसेंस वाले mafias का पीछा किया जाएगा और कोई आरोपी बेदाग नहीं रह जाएगा।

किसने बजट पेश किया था?

यह बजट 11 फरवरी 2026 को राज्य के वित्त मंत्री महामंत्री सुरेश खाना ने विधान सभा में पेश किया था। इसके बाद दोनों सदनों में चर्चा हुई और अंतिम वोटिंग के जरिए इसे मंजूरी मिली।

2 Comments

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    mohit saxena

    मार्च 26, 2026 AT 11:30

    यह बजट सच में इम्प्रेसिव है। 9.13 लाख करोड़ का पैकेज दे रहा है कि सरकार गंभीरता से विकास के काम पे ध्यान दिक रही है। मुझे लगा था इसमें ज़्यादा विवाद होंगे पर सब सहयोगी दिख रहे हैं। कोडिएन मामले में सीएम का स्टैंड भी साफ़ और पक्का है।

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    Sandeep YADUVANSHI

    मार्च 28, 2026 AT 03:07

    अत्यंत महत्वपूर्ण- यह बजट केवल नम्बर नहीं, एक क्रांति है! अंग्रेज़ों के बाद ऐसा बजेट तो आजादी के 75 साल बाद आया ही होगा। मैं समझता हूँ कि आम जनता की समझ कम है वे नहीं समझ पाते ऐसे राजकीय फैसलों की गहराई। किसी के लिए बुरा मतलब निकालना बड़ी बेवकूफी है। हमें ऐसे वक्तियों को सम्मान करना चाहिए जो राष्ट्र के भलाई के लिए काम कर रहे हैं। बिल्कुल शानदार! क्या आपने सोचा इसके दीर्घकालिक प्रभाव?

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