गर्मियों का मौसम अब और भी तीव्र हो रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक चौंकाने वाला पूर्वानुमान जारी किया है जो देश के दो बड़े हिस्सों को प्रभावित करेगा। 20 मई से 26 मई 2026 तक उत्तर और मध्य भारत में भयंकर लू की स्थिति बना रहने की आशंका है, वहीं दूसरी ओर केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन हो सकता है। यह वह समय है जब एक तरफ तापमान 45°C पार कर सकता है और दूसरी तरफ बारिश की शुरुआत हो सकती है।
यह कोई साधारण गर्मी नहीं है। IMD के अनुसार, इस सप्ताह कई क्षेत्रों में 'भीषण लू' (Severe Heatwave) की चेतावनी दी गई है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार में भारी बारिश का अलर्ट सक्रिय है। आइए जानते हैं कि इस मौसमी उलट-पुलट का असर आपके शहर पर क्या पड़ सकता है।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में लू का कहर
सबसे पहले बात करते हैं उन क्षेत्रों की जहां धूप अब तपती हुई रेत बन रही है। Hindi Khabar और thinQ360 जैसे मीडिया स्रोतों ने IMD के हवाले से रिपोर्ट किया है कि 20 मई से 26 मई तक उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्सों में लू की स्थिति बना रहेगी। कुछ इलाकों में यह स्थिति और गंभीर होकर 'भीषण लू' में बदल सकती है।
विशेष रूप से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए 26 मई तक लू चलने की संभावना जताई गई है। NewsBytes Hindi की रिपोर्ट के मुताबिक, इन क्षेत्रों में दिन भर तेज हवाएं चलेंगी और तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तापमान 45°C के पार जाता है, तो स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए।
केरल में मानसून का स्वागत?
अब बात होती है उस खुशखबरी की जिसकी राहत की गुहार लगाई जा रही थी। YouTube पर उपलब्ध वीडियो रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया चर्चाओं (#Monsoon2026, #KeralaMonsoon) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई 2026 तक केरल में दाखिल हो सकता है। हालांकि, यह अभी एक 'संभावना' है और IMD द्वारा आधिकारिक घोषणा की प्रतीक्षा है।
ऐतिहासिक रूप से, मानसून का आगमन केरल में मई के अंत या जून की शुरुआत में होता है। यदि यह अनुमान सही निकला, तो यह किसानों और पर्यटन उद्योग के लिए एक राहत की खबर होगी। लेकिन, मानसून की शुरुआत अक्सर अनियमित होती है, इसलिए पूरी तरह आशा बांधना अभी जल्दबाजी होगी।
पूर्वोत्तर और अंडमान में भारी बारिश
जबकि उत्तर भारत जल रहा है, पूर्वोत्तर भारत और अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में मौसम पूरी तरह अलग तस्वीर पेश कर रहा है। thinQ360 की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 मई तक इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
यह बारिश मानसून की पूर्व-सक्रिय गतिविधियों या स्थानीय मौसमी पैटर्न का परिणाम हो सकती है। ऐसे मौसम में स्लाइडिंग, बाढ़ और यातायात में व्यवधान का खतरा बना रहता है। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन योजनाओं को अपडेट करने की सलाह दी जाती है।
राजस्थान और UP में क्या स्थिति है?
22 मई को राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के अन्य हिस्सों के लिए भी विशेष मौसमी जानकारी दी गई थी, हालांकि विस्तृत विवरण सीमित उपलब्ध है। फिर भी, प्रवृत्ति स्पष्ट है: मध्य भारत के मैदानी इलाके लू की चपेट में हैं। इन राज्यों में भी तापमान में उछाल की उम्मीद है, जिससे बिजली की मांग में वृद्धि और जल संकट बढ़ने का डर है।
Frequently Asked Questions
क्या दिल्ली में 26 मई तक लू रहेगी?
हाँ, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 26 मई 2026 तक लू चलने की संभावना है। नागरिकों को दिन के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी जाती है।
केरल में मानसून कब आएगा?
वर्तमान पूर्वानुमानों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई 2026 तक केरल में दाखिल हो सकता है। हालांकि, यह एक संभावना है और IMD द्वारा आधिकारिक तिथि की घोषणा की प्रतीक्षा की जानी चाहिए।
किस क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट है?
26 मई 2026 तक पूर्वोत्तर भारत और अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों के निवासियों को मौसमी खतरों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
लू से कैसे बचाव करें?
लू से बचाव के लिए हल्के कपड़े पहनें, दिन के दोपहर के समय (12 PM - 4 PM) बाहर निकलने से बचें, और दिन भर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं। नमक और चीनी वाले पेय (ORS) का सेवन करें ताकि शरीर में नमक और पानी की कमी न हो।
क्या तापमान 45 डिग्री से ऊपर जाएगा?
हाँ, रिपोर्ट्स के अनुसार उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में अधिकतम तापमान 45°C से ऊपर पहुंचने की आशंका है। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतें।